असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए भारतीय वायु सेना के कार्गो विमान हादसे ने देहरादून के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सेलाकुई के श्रीरामपुरम कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय प्रशांत सिंह इस हादसे में शहीद हो गए, जिसकी खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

प्रशांत सिंह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और पिछले करीब आठ वर्षों से देश सेवा में समर्पित थे। यह उनकी दूसरी पोस्टिंग थी। परिवार ने बताया कि 23 नवंबर 2024 को ही उनका विवाह हुआ था और घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदलकर रख दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता तुरंत असम के लिए रवाना हो गए, जबकि क्षेत्र में लोग लगातार उनके घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
प्रशांत के पिता उमेश सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। मां बृजेश देवी के अनुसार, प्रशांत उनका इकलौता बेटा था, जिससे परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं। परिवार में एक बड़ी बहन हैं, जिनका विवाह हो चुका है। बेटे की शहादत की खबर से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस दुखद घटना पर सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी और ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश ने एक साहसी और समर्पित जवान को खो दिया है, जिसका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
प्रशांत सिंह की शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
