देहरादून: देश की सबसे अहम मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा आज (21 जून) आयोजित की जा रही है। पिछली बार पेपर लीक के चलते परीक्षा रद्द होने और 22 लाख से अधिक छात्रों के प्रभावित होने के बाद इस बार परीक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। इस बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ाकर कुल 195 मिनट कर दी गई है, ताकि अभ्यर्थियों को बेहतर समय मिल सके।
उत्तराखंड में परीक्षा को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को राहत मिल सके।
देहरादून में 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 6,800 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। वहीं, पूरे प्रदेश में 10 जिलों के 53 केंद्रों पर 21 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
जिलाधिकारी आशीष चौहान के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा के संचालन से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और विशेष टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक तीन केंद्रों पर एक सुपरवाइजर के नेतृत्व में टीम लगातार निगरानी रखेगी।
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और आईटीबीपी के जवान भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके।
उधर, अभ्यर्थियों में भी इस बार परीक्षा को लेकर उत्साह और उम्मीद देखी जा रही है। पिछली बार परीक्षा रद्द होने से निराश हुए छात्र अब नए जोश के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
गौरतलब है कि NEET परीक्षा देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
