

विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा के मुताबिक, राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों से संबंधित SOP का प्रस्ताव फिलहाल वित्त विभाग में है। अभी इसे विभागीय स्तर पर मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SOP की स्वीकृति की प्रक्रिया अपनी जगह जारी रहेगी, जबकि राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां समानांतर रूप से शुरू की जाएंगी।
खेल स्थलों से लेकर खिलाड़ियों के प्रशिक्षण तक की तैयारी
विभाग का फोकस खेल स्थलों, खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर रहेगा। SOP को मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया उसके प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
अपर निदेशक खेल एवं युवा कल्याण अजय अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के लिए SOP का प्रस्ताव निदेशालय की ओर से शासन को भेजा गया था। इस पर वित्त विभाग ने कुछ आपत्तियां लगाई थीं। आपत्तियों का निस्तारण कर प्रस्ताव दोबारा शासन को भेज दिया गया है।
राष्ट्रीय खेलों से पहले कई व्यवस्थाएं करनी होंगी पूरी
राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाने होंगे। इसके साथ ही खेल संघों की ओर से खिलाड़ियों का चयन, कोच और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती तथा जरूरी खेल सुविधाओं की व्यवस्था भी करनी होगी। इन सभी कार्यों के लिए शासन की ओर से SOP जारी होना जरूरी है।
बताया गया है कि फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती से जुड़े प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने आपत्ति जताई थी। इसी वजह से SOP की मंजूरी की प्रक्रिया में देरी हुई है।
पर्याप्त बजट होने का विभाग का दावा
खेल विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के लिए उसके पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है। ऐसे में SOP की मंजूरी का इंतजार किए बिना प्रारंभिक तैयारियां शुरू की जाएंगी, ताकि आयोजन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा किया जा सके।
