

दरअसल, 30 अक्तूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद एसडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी मृतकों के शव निकाले और उनके गृह क्षेत्रों में भेजने की व्यवस्था की।
दुर्घटनास्थल से जुटाए जाएंगे अहम साक्ष्य
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए AAIB और DGCA की टीम घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाएगी। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण टीम को पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचना पड़ रहा है। सोमवार को मौके पर पहुंचने के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगे हादसे के कारण
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि दुर्घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। वहां तक पहुंचने के लिए AAIB और DGCA की टीम पैदल यात्रा कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही हेलिकॉप्टर हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
