आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने अब राजनीति के क्षेत्र में भी नई इबारत लिख दी है। बाल्कन देश अल्बानिया ने दुनिया का पहला AI मंत्री नियुक्त कर सभी को चौंका दिया है। इस वर्चुअल मंत्री का नाम ‘डिएला’ है, जिसका अर्थ अल्बानियाई भाषा में ‘सूरज’ होता है।

डिएला को सरकारी पब्लिक प्रोक्योरमेंट यानी टेंडर प्रक्रिया संभालने का जिम्मा दिया गया है। इसका मकसद सरकारी प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता लाना और रिश्वतखोरी तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। प्रधानमंत्री एदी रामा ने अपनी नई कैबिनेट का ऐलान करते हुए कहा कि डिएला किसी भी तरह के दबाव, धमकी या पक्षपात से प्रभावित नहीं होगी। उनका दावा है कि इस कदम से अल्बानिया का टेंडर सिस्टम पूरी तरह भ्रष्टाचार-मुक्त बन सकता है।
अल्बानिया लंबे समय से भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है। सरकारी टेंडरों में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और अपराधी गिरोहों की दखल ने देश की छवि को प्रभावित किया है। यही वजह है कि यूरोपीय संघ (EU) में शामिल होने का उसका सपना अधूरा है। प्रधानमंत्री रामा ने 2030 तक EU सदस्यता हासिल करने का लक्ष्य रखा है और डिएला की नियुक्ति को इस दिशा में अहम कदम बताया है।
डिएला कोई नया नाम नहीं है। इसे इस साल की शुरुआत में e-Albania प्लेटफॉर्म पर वर्चुअल असिस्टेंट के रूप में लॉन्च किया गया था। पारंपरिक अल्बानियाई पोशाक पहने यह वर्चुअल बॉट आवाज के जरिए कमांड ले सकता है और सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी सेवाओं में मदद करता रहा है।
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि डिएला के फैसलों पर मानवीय निगरानी कितनी होगी। साथ ही, यदि कोई इस सिस्टम को हैक करने या प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो उससे निपटने के उपाय क्या होंगे—यह भी साफ नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति जितनी बड़ी है, उसके जोखिम भी उतने ही गहरे हो सकते हैं।
