

महाविद्यालय प्रशासन ने नई परीक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत तीन विषय डिसिप्लिन स्पेसिफिक कोर्स (डीएससी) यानी मेजर और एक विषय जनरल इलेक्टिव (जीई) यानी माइनर का होगा। इन चार विषयों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि शेष विषयों में विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए छात्रों को निर्धारित समयसीमा के भीतर असाइनमेंट और प्रोजेक्ट जमा करना अनिवार्य होगा। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल लिखित परीक्षाओं की संख्या कम होने से ही राहत मिलेगी, बाकी विषयों में भी अच्छे अंक हासिल करने के लिए नियमित रूप से मेहनत करनी होगी।
पहले कई विषयों की लिखित परीक्षाओं के चलते विद्यार्थियों को कम समय में अधिक पाठ्यक्रम की तैयारी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से उन्हें मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान देने और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से करने का अवसर मिलेगा।
एसबीएस डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए राहत देने वाली है। चार विषयों की लिखित परीक्षा होने से छात्रों को मुख्य विषयों की तैयारी के लिए अधिक समय मिल सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आंतरिक मूल्यांकन, असाइनमेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की।
