रुद्रपुर: उधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर में किसानों और एक उद्योगपति के बीच भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लांबाखेड़ा गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि एक उद्योगपति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना बिजनेस पार्टनर बताकर उन पर कृषि भूमि बेचने का दबाव बना रहा है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा है।
![]()
मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान रुद्रपुर कोतवाली पहुंचे और क्षेत्राधिकारी (सीओ) विभव सैनी तथा उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मनीष बिष्ट से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। किसानों का कहना है कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि लांबाखेड़ा क्षेत्र में स्थित है, जिसके आसपास एक औद्योगिक प्लांट स्थापित किया जा रहा है। आरोप है कि प्लांट निर्माण के बाद उद्योगपति अब आसपास की कृषि भूमि खरीदने के लिए किसानों पर लगातार दबाव बना रहा है।
किसानों के मुताबिक, उन्होंने अपनी जमीन बेचने से साफ इनकार कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बार-बार भूमि बेचने के लिए कहा जा रहा है। किसानों का दावा है कि उद्योगपति मुख्यमंत्री का नाम लेकर प्रभाव दिखाने की कोशिश करता है और अप्रत्यक्ष रूप से प्रशासनिक परेशानियों का सामना करने की चेतावनी देता है।
शिकायत में किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि जमीन बेचने से इनकार करने पर उनके खेतों तक पहुंचने वाले सरकारी रास्ते को बंद करने की कोशिश की जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि रास्ता बंद किया गया तो खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित होगी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम मनीष बिष्ट ने कहा कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेज प्राप्त कर लिए गए हैं और पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सीओ विभव सैनी ने कहा कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और उसके प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामला संवेदनशील है, इसलिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। दूसरी ओर प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
