किच्छा। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद अब प्रत्याशियों और मतदाताओं की निगाहें मतगणना की तारीख पर टिकी हैं। 22 सितंबर को दोनों नगर पालिकाओं में मतदान कराया गया था। इसके बाद मतगणना स्थगित करने के राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

24 सितंबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मतगणना स्थगित करने संबंधी राज्य निर्वाचन आयोग की संशोधित अधिसूचना पर रोक लगा दी। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों नगर पालिकाओं में मतगणना का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इसके बाद भी मतगणना की तारीख और समय को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की नई अधिसूचना का इंतजार है।
22 सितंबर को हो चुका है मतदान
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था। इससे पहले आयोग ने 24 सितंबर को मतगणना कराने का कार्यक्रम जारी किया था, लेकिन कानूनी विवाद के बीच मतगणना स्थगित कर दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई और अदालत ने मतगणना रोकने वाली संशोधित अधिसूचना पर रोक लगा दी।
अब चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में मतों की गिनती होनी है। हालांकि, काउंटिंग की आधिकारिक तारीख और समय आयोग की ओर से जारी किए जाने वाले नए कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रत्याशियों को परिणाम का इंतजार
मतदान के बाद से ही किच्छा और सिरौलीकलां के प्रत्याशी अपने-अपने परिणाम को लेकर इंतजार कर रहे हैं। मतगणना की तारीख स्पष्ट नहीं होने से चुनाव परिणाम को लेकर स्थिति बनी हुई है। दोनों क्षेत्रों में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर अब राज्य निर्वाचन आयोग के अगले आदेश पर है।
एनयू खान ने की जल्द मतगणना कराने की मांग
कांग्रेस कमेटी के जिला उपाध्यक्ष एनयू खान ने राज्य निर्वाचन आयोग से किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना का कार्यक्रम जल्द जारी करने की मांग की है।
एनयू खान ने कहा कि दोनों नगर पालिकाओं में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मतदाताओं ने अपना फैसला मतपत्रों में दर्ज कर दिया है। ऐसे में अब मतगणना की तारीख घोषित कर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद मतगणना पर लगी रोक हट चुकी है। ऐसे में आयोग को जल्द से जल्द काउंटिंग की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए, जिससे प्रत्याशियों और जनता के बीच बनी असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।
गौरतलब है कि किच्छा-सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव को लेकर अलग नगर पालिका बनाए जाने से जुड़ा कानूनी विवाद पहले से चल रहा है। इसी कानूनी प्रक्रिया के बीच चुनाव कराए गए और मतगणना को लेकर भी मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
