देहरादून: उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ कथित मारपीट की घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर भी असहजता साफ नजर आ रही है।

मामला प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल से जुड़ा है। आरोप भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इस घटना को कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। दूसरी ओर भाजपा संगठन ने भी प्रकरण को हल्के में न लेते हुए संबंधित विधायक से जवाब तलब किया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए और यदि किसी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार हुआ है तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अतीत में भी ऐसे व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश सुमन ध्यानी ने माना कि इस घटना से पार्टी की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि संगठन की साख बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई आवश्यक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भाजपा के लिए अंदरूनी चुनौती बन सकता है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देना अलग बात है, लेकिन जब पार्टी के भीतर से ही जवाबदेही की मांग उठने लगे तो स्थिति और संवेदनशील हो जाती है।
फिलहाल पूरा घटनाक्रम उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में है। कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है, जबकि भाजपा नेतृत्व नुकसान नियंत्रण की रणनीति पर काम कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच और कार्रवाई की दिशा क्या रूप लेती है।
