रुद्रपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की सड़कों को 15 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन रुद्रपुर में इन आदेशों का असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर अब भी बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। कहीं सड़कें उखड़ी हुई हैं तो कहीं गड्ढों में मिट्टी और पत्थर भरकर खानापूरी की जा रही है। बदहाल सड़कों के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है और हादसों का खतरा भी बना हुआ है।
नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधीन आने वाली कई सड़कें लंबे समय से खराब हालत में हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दशहरे से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन रुद्रपुर में मरम्मत कार्य की धीमी रफ्तार ने अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गल्ला मंडी रोड से बगवाड़ा तक बदहाल सड़कें
शहर की गल्ला मंडी रोड पर करीब 100 मीटर तक सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है। इस मार्ग से रोजाना ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती हैं। किसान भी धान बेचने के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर बने गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
जनता इंटर कॉलेज के पास सड़क की खराब हालत के कारण स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं, सिविल लाइंस स्थित डॉक्टर कॉलोनी की आंतरिक सड़कें कई महीनों से बदहाल हैं।
जयनगर वार्ड में नाली के साथ सड़क धंस गई है। रेलवे फाटक के पास और बगवाड़ा रोड पर गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार बाइक सवार गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
दो दिन में कैसे गड्ढामुक्त होंगी सड़कें?
मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक, सड़कों को 15 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त किया जाना है। ऐसे में अधिकारियों के पास बुधवार और बृहस्पतिवार का समय बचा है। शहर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सवाल उठ रहा है कि क्या निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत पूरी हो पाएगी।
सरकारी व्यवस्था से निराश लोगों ने खुद भरे सड़क के गड्ढे
बगवाड़ा में सड़क की मरम्मत नहीं होने से परेशान स्थानीय लोगों ने खुद ही गड्ढे भरने की पहल की। लोगों ने पुराने मकानों से निकला मलबा ट्रॉलियों में लाकर सड़क के गड्ढों में डाल दिया। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है।
बगवाड़ा निवासी विक्रमजीत के मुताबिक, क्षेत्र में दो लोगों ने अपने पुराने मकान तोड़े थे। इन मकानों से निकले मलबे को सड़क के गड्ढों में डालकर रास्ते को चलने लायक बनाने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों की यह पहल नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जहां विभागीय स्तर पर सड़क मरम्मत का इंतजार बना हुआ है, वहीं लोगों को अपनी परेशानी दूर करने के लिए खुद आगे आना पड़ रहा है।
लोनिवि का दावा, चल रहा पैचवर्क
लोक निर्माण विभाग की ओर से बताया गया है कि जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, वहां पैचवर्क कराया जा रहा है। विभाग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा करने की बात कही है।
हालांकि, शहर की कई प्रमुख सड़कों की मौजूदा स्थिति के बीच यह देखना अहम होगा कि मुख्यमंत्री की तय समयसीमा तक मरम्मत कार्य कितना पूरा हो पाता है और लोगों को बदहाल सड़कों से कब तक राहत मिलती है।
