कर्णप्रयाग: कर्णप्रयाग विधानसभा में वर्ष 2022 से अब तक विधायक निधि से 22 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। तीसरी बार विधायक बने अनिल नौटियाल के कार्यकाल में शिक्षा से जुड़े कार्य विधायक निधि की प्राथमिकताओं में प्रमुख रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 23.28 करोड़ रुपये की आवंटित धनराशि में से 22.08 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि, जहां विद्यालयों, खेल मैदानों और अन्य विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है, वहीं दुर्गम गांवों के पैदल रास्तों, संपर्क मार्गों, कृषि और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं।

पांच वित्तीय वर्षों में 22.08 करोड़ की स्वीकृतियां
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को शामिल करने वाली कर्णप्रयाग विधानसभा में कर्णप्रयाग और गैरसैंण दो विकासखंड हैं। विधानसभा क्षेत्र में करीब 190 ग्राम पंचायतों के अलावा दो नगर पालिकाएं और दो नगर पंचायतें हैं।
विधायक निधि के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 और 2023-24 में आवंटित धनराशि के सापेक्ष शत-प्रतिशत योजनाओं को स्वीकृति दी गई। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 99.80 प्रतिशत, 2025-26 में 95.71 प्रतिशत और वर्ष 2026-27 में अब तक करीब 80 प्रतिशत योजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है।
हालांकि, स्वीकृत योजनाओं और उनके धरातल पर पूरा होने की स्थिति में अंतर दिखाई देता है। विभागीय स्तर पर पिछले चार वर्षों में करीब 80 से 90 प्रतिशत कार्य ही पूरे हो सके हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक करीब 25 प्रतिशत योजनाओं के लिए ही धनराशि जारी हो पाई है।
स्कूलों पर रहा विधायक निधि का खास फोकस
कर्णप्रयाग विधानसभा में विधायक निधि का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा विद्यालयों से संबंधित कार्यों पर खर्च किए जाने की बात सामने आई है। इसमें जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, मूलभूत सुविधाएं, फर्नीचर, कंप्यूटर, खेल मैदान, फिटनेस उपकरण और सुरक्षात्मक कार्य शामिल हैं।
इन योजनाओं में सरकारी विद्यालयों के साथ मान्यता प्राप्त गैर सरकारी विद्यालय भी शामिल हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर महिला मंगल दलों के लिए सामग्री, पैदल मार्ग निर्माण, मंदिर सौंदर्यीकरण और खेल मैदानों समेत अन्य कार्यों के लिए भी निधि से स्वीकृतियां जारी की गई हैं।
वर्षवार देखें तो कितनी राशि हुई स्वीकृत
| वित्तीय वर्ष | आवंटित धनराशि | स्वीकृत धनराशि |
|---|---|---|
| 2022-23 | 3.68 करोड़ रुपये | 3.68 करोड़ रुपये |
| 2023-24 | 4.90 करोड़ रुपये | 4.90 करोड़ रुपये |
| 2024-25 | 4.90 करोड़ रुपये | 4.89 करोड़ रुपये |
| 2025-26 | 4.90 करोड़ रुपये | 4.69 करोड़ रुपये |
| 2026-27 | 4.90 करोड़ रुपये | 3.92 करोड़ रुपये |
रास्ते, स्वास्थ्य और कृषि को लेकर स्थानीय लोगों की अलग राय
विधायक निधि से लगातार योजनाओं को स्वीकृति मिलने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ बुनियादी जरूरतें अब भी चर्चा में हैं। पहाड़ के दुर्गम गांवों में पैदल रास्तों और संपर्क मार्गों की स्थिति के साथ स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी सुविधाओं को लेकर स्थानीय लोग अधिक काम की अपेक्षा जता रहे हैं।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हर्षवर्धन डिमरी का कहना है कि विधायक निधि का इस्तेमाल दुर्गम गांवों की मूलभूत समस्याओं को दूर करने में प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने गांवों में रास्तों, कृषि और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विधायक निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी सड़कों और संपर्क मार्गों का विकास होने से लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।
स्थानीय स्तर पर विधायक निधि के कार्यों की सराहना भी
दूसरी ओर, सौंणा निवासी बिजेंद्र सिंह पैलू विधायक निधि से हुए कार्यों को सकारात्मक रूप से देखते हैं। उनका कहना है कि गांवों में पैदल रास्तों को पक्का करने के साथ मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भी धनराशि मिली है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामग्री खरीद में भी सहयोग दिया गया है।
उनके अनुसार, विधायक निधि से बड़ी संख्या में योजनाओं को स्वीकृति मिलना क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
विधायक बोले- सभी ग्राम पंचायतों में स्वीकृत किए गए कार्य
विधायक अनिल नौटियाल के अनुसार विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में मरम्मत, मूलभूत सुविधाओं, फर्नीचर, कंप्यूटर, खेल मैदान और सुरक्षात्मक कार्यों के लिए योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग सभी ग्राम पंचायतों में महिला मंगल दलों, मार्ग निर्माण, मंदिर सौंदर्यीकरण और खेल मैदानों समेत स्वीकृति योग्य योजनाओं के लिए धनराशि दी गई है। इसी माह विधानसभा क्षेत्र के सभी महिला मंगल दलों को सामग्री वितरण के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
अब सवाल योजनाओं के धरातल पर उतरने का
कर्णप्रयाग विधानसभा में विधायक निधि से बड़ी संख्या में योजनाओं को स्वीकृति मिलने के आंकड़े सामने हैं, लेकिन स्वीकृति के बाद कार्यों के समय पर पूरा होने और धनराशि जारी होने की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। पिछले वर्षों में 80 से 90 प्रतिशत कार्य पूरे होने और चालू वित्तीय वर्ष में करीब 25 प्रतिशत योजनाओं में धनराशि जारी होने के आंकड़े इस अंतर को सामने रखते हैं।
ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि स्वीकृत योजनाओं में कितने कार्य निर्धारित समय में पूरे होते हैं और विधायक निधि का इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य बुनियादी जरूरतों को किस स्तर तक पूरा कर पाता है।
