

वरिष्ठ केंद्र प्रभारी अनवर कमाल ने बताया कि डिपो से चार बसें दिल्ली और छह बसें देहरादून, हरिद्वार, बरेली और रुद्रपुर रूट पर भेजी गईं।
निजी बसों और टैक्सियों की बढ़ी कमाई
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का फायदा निजी बस और टैक्सी संचालकों को मिल रहा है। रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, कुछ वाहन चालकों पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के आरोप भी लग रहे हैं।
दिल्ली, मुरादाबाद और देहरादून समेत कई रूटों पर जाने वाले यात्रियों ने निजी बसों और टैक्सियों से सफर किया। रोडवेज बसों की कमी के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष एससी/एसटी रामपाल सिंह, उपाध्यक्ष शरण गौड़, अमन कुमार, मुकेश शर्मा, गुरसहाब सिंह, निपेंद्र सिंह, महादर सिंह, वीरेंद्र सिंह, इम्तियाज अहमद, सर्वेश कुमार, रमेश कुमार और अमीन अहमद समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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