

अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे मार्ग का जायजा लिया तो सड़क सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। रानीबाग पुल से आगे भीमताल की ओर जाने वाले रास्ते पर कई हेयरपिन बैंड और संकरे हिस्से हैं, लेकिन इनकी पहचान कराने के लिए पर्याप्त संकेतक नहीं हैं। सलड़ी के बाद स्थिति और गंभीर दिखाई दी। यहां वाहन चालकों को अंधेरे में अंदाजे के सहारे मोड़ पार करने पड़ते हैं।
पुराने रिफ्लेक्टर धुंधले, नई सड़क पर सफेद पट्टी भी नहीं
मार्ग पर कई स्थानों पर पहले लगाए गए रिफ्लेक्टर अब अपनी चमक खो चुके हैं। पैराफिट के पास लगे कुछ रिफ्लेक्टर इतने पुराने और धुंधले हो गए हैं कि रात में दिखाई नहीं देते। वहीं, कई जगह झाड़ियों ने इन्हें ढक रखा है। नई बनी सड़क पर सफेद पट्टी भी नहीं बनाई गई है, जिससे वाहन चालकों को सड़क की सीमा और मोड़ का अंदाजा लगाने में परेशानी होती है।
जाम से बचने के लिए रात में सफर कर रहे पर्यटक
पिछले दिनों कैंची धाम और वहां पहुंचने वाले मार्गों पर लगे जाम की तस्वीरें देशभर में सामने आई थीं। इसके बाद कई लोगों ने कैंची धाम की यात्रा से दूरी बनाने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस ने यातायात व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। अब जाम से बचने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रात के समय यात्रा कर रहे हैं।
वर्तमान में रात 12 बजे से सुबह पांच बजे के बीच भी वाहनों की आवाजाही हो रही है। ऐसे में सड़क पर सुरक्षा इंतजामों की कमी चिंता बढ़ा रही है। अंधेरे में तीखे मोड़ और संकरे हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
खराब हालत में ब्लाइंड स्पॉट मिरर
रानीबाग पुल से भीमताल तक तीन-चार स्थानों पर पहले ब्लाइंड स्पॉट मिरर लगाए गए थे, ताकि मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहनों को देखा जा सके। लेकिन अब इनमें से कई इस्तेमाल लायक नहीं रह गए हैं। कहीं मिरर गलत दिशा में मुड़े हुए हैं तो कहीं धूल और गंदगी के कारण उनमें कुछ साफ दिखाई नहीं देता।
डामरीकरण के बाद लगाई जाएगी सफेद पट्टी
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पीएस बृजवाल ने बताया कि रानीबाग-भीमताल मार्ग पर सुधार कार्य के साथ डामरीकरण कराया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी बनाई जाएगी। इसके अलावा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चिह्नित स्थानों पर रिफ्लेक्टर, रेडियम लाइट और साइन बोर्ड लगाने का काम भी कराया जाएगा।
