

प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर तैनात सभी नोडल अधिकारियों और विभागीय टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
वहीं लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़क संपर्क प्रभावित बना हुआ है। राज्यभर में 79 ग्रामीण मार्गों सहित कुल 123 सड़कें बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। संबंधित विभाग बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।
सड़क बंद होने के मामलों में पौड़ी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 27 मार्ग बाधित हैं। इसके अलावा नैनीताल में 22, अल्मोड़ा में 20, चमोली में 14 और पिथौरागढ़ में 13 सड़कें बंद हैं। वहीं टिहरी में 8, देहरादून और उत्तरकाशी में 6-6, रुद्रप्रयाग में 4, बागेश्वर में 2 तथा चंपावत में 1 सड़क पर यातायात बाधित है।
चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होने के बाद प्रशासन मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
