मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में प्रवासी उत्तराखंडियों, विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कर राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास में प्रवासी समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सुझाव राज्य की भावी नीतियों को दिशा देने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पर्यटन, निवेश, स्थानीय उद्यमों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहन मिला है और बड़ी संख्या में लोग अपने गांवों की ओर लौटकर स्वरोजगार से जुड़ रहे हैं। होमस्टे, कृषि, बागवानी और छोटे पर्यटन आधारित व्यवसायों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
धामी ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के विकास और निवेश आकर्षित करने की आधारशिला होती है। इसी दिशा में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं, जबकि पंतनगर को कृषि और औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भी राज्य की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अब तक 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए नकल विरोधी कानून समेत कई कड़े कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। इसके साथ ही सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तथा सड़क, रेल, रोपवे और हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है।
बैठक में उपस्थित प्रवासी उत्तराखंडियों और बुद्धिजीवियों ने राज्य के विकास, निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विस्तार को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें भविष्य की योजनाओं और नीतियों में शामिल किया जाएगा।
