देहरादून। चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। देहरादून में प्रेसवार्ता के दौरान धामी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग को लेकर एक नैरेटिव तैयार करने का प्रयास कर रही है, जिसका उद्देश्य लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज पर सवाल उठाए जाने चाहिए तो वे तथ्यों के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को लेकर किए जाने वाले दावों में तथ्य स्पष्ट होना जरूरी है।
SIR के फैसले का किया जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने 24 जून 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयोग ने यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया था और इसे आयुक्तों के बीच मतभेद के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 24 जून 2025 को आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और संबंधित चुनावी कानूनों के तहत SIR की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया था। आयोग की मौजूदा आधिकारिक जानकारी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का उल्लेख है।
कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयोग को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए।
धामी ने कांग्रेस के राजनीतिक रुख पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी के पास जनता के बीच उठाने के लिए पर्याप्त मुद्दे नहीं हैं और वह अपना जनाधार खो चुकी है। ये मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
मुख्यमंत्री के बयान ऐसे समय आए हैं जब SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग अपनी ओर से SIR को लेकर आधिकारिक आदेश और प्रक्रिया संबंधी जानकारी जारी करता रहा है।
