रामनगर। क्रिसमस, 31 दिसंबर और नववर्ष के मद्देनज़र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पूरे पार्क क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। संभावित सुरक्षा खतरों और अवैध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने वनकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है।
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कॉर्बेट पार्क के संवेदनशील इलाकों, विशेषकर उत्तर प्रदेश से सटी दक्षिणी सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन क्षेत्रों में ई-सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन कैमरों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि त्योहारों और नए साल के जश्न के दौरान शिकारी, वन्यजीव तस्कर और असामाजिक तत्व जंगल में सक्रिय हो सकते हैं।

वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रिजर्व क्षेत्र में कई गश्ती दल तैनात किए गए हैं। हाथियों और डॉग स्क्वायड की मदद से लगातार जंगलों में पेट्रोलिंग की जा रही है। जिन इलाकों से अवैध घुसपैठ की आशंका रहती है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर एंबुश पेट्रोलिंग के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

इसके साथ ही नए साल पर बड़ी संख्या में कॉर्बेट पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि पर्यटन गतिविधियां सुचारु रूप से चलें और वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि क्रिसमस और नववर्ष के दौरान पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे अवैध गतिविधियों की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी कारण पूरे टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि वनकर्मियों को लगातार गश्त के निर्देश दिए गए हैं और छुट्टियां केवल विशेष परिस्थितियों में उच्च अधिकारियों की अनुमति से ही दी जाएंगी।

कॉर्बेट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा। नए साल के जश्न के दौरान हर गतिविधि पर सख्त नजर रखी जाएगी।
