नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को रोजगार का बड़ा तोहफ़ा दिया। उन्होंने 1 लाख करोड़ रुपये की ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की, जिसे आने वाले वर्षों का सबसे महत्वाकांक्षी रोजगार सुधार माना जा रहा है।
![]()
पीएम मोदी ने कहा, “आज देश के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। हम 1 लाख करोड़ रुपये की योजना लेकर आए हैं।” यह योजना 15 अगस्त से लागू होगी और इसका फायदा कर्मचारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को भी मिलेगा।
पहली नौकरी पर मिलेगा सीधा लाभ
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज 15 अगस्त के दिन मेरे देश के युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की योजना हम शुरु कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हो रही है…इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले नौजवानों को सरकार की ओर… pic.twitter.com/NQSFeW4Kr0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 15, 2025
इस योजना के तहत, निजी क्षेत्र में अपनी पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये सीधे दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, “जो बेटा या बेटी पहली नौकरी पाएगा, उसे सरकार से 15,000 रुपये मिलेंगे।”
नियोक्ताओं को प्रोत्साहन
नियोक्ताओं को भी नई नियुक्तियों पर प्रोत्साहन मिलेगा। वे प्रति नए कर्मचारी 3,000 रुपये प्रतिमाह तक के लाभ के पात्र होंगे। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा ताकि रोजगार के और अवसर खुल सकें।
3.5 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
सरकार का अनुमान है कि इस योजना से दो वर्षों में 3.5 करोड़ नए रोजगार पैदा होंगे, जिनमें से करीब 1.92 करोड़ युवा पहली बार कार्यबल से जुड़ेंगे।
लागू करने की जिम्मेदारी
इस पहल को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और EPFO के जरिए लागू किया जाएगा, ताकि सुचारू और पारदर्शी क्रियान्वयन हो सके।
विकसित भारत मिशन की नींव
पीएम मोदी ने इस पहल को विकसित भारत मिशन का अहम हिस्सा बताया और कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, “यह युवाओं के लिए मेरा तोहफ़ा है – डबल दिवाली का उत्सव।”
आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘विकसित भारत रोजगार योजना’ न केवल युवाओं के लिए अवसर पैदा करेगी बल्कि औपचारिक रोजगार और भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति भी देगी।
