देहरादून। उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत होते ही राज्य की ब्यूरोक्रेसी में बड़े प्रशासनिक बदलावों के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। शासन स्तर पर व्यापक फेरबदल की तैयारी चल रही है। हाल ही में बड़ी संख्या में अधिकारियों को प्रमोशन मिलने के बाद अब उन्हें उनकी वरिष्ठता और रैंक के अनुसार नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति मिलने से गृह और कार्मिक जैसे अहम विभागों में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में उत्तराखंड शासन में बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं। एक ओर प्रमोशन पाए अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जानी हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे अफसरों के कारण शासन के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने की स्थिति बन रही है। ऐसे में सरकार को नए सिरे से विभागीय जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास करना होगा।
उत्तराखंड कैडर के 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश बगौली को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया है। यह नियुक्ति अगले पांच वर्षों या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में शैलेश बगौली राज्य में गृह और कार्मिक जैसे संवेदनशील विभागों के साथ-साथ सचिव मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनके केंद्र जाने से इन विभागों के लिए नए अधिकारियों की तैनाती तय मानी जा रही है।
गृह और कार्मिक विभाग राज्य प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल हैं, जिनका सीधा संबंध कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़ा है। ऐसे में इन विभागों की जिम्मेदारी किन अधिकारियों को सौंपी जाएगी, इस पर शासन स्तर पर गहन मंथन चल रहा है।
उधर, उत्तराखंड कैडर के एक अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आशीष जोशी को केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे पहले से ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं और अब उन्हें और अहम भूमिका दी गई है। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड कैडर के अधिकारी केंद्र में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में शासन स्तर पर सचिव रैंक के कई अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है। इसके बाद यह माना जा रहा है कि कई प्रमुख विभागों की कमान अब नए प्रमोटेड अधिकारियों को सौंपी जा सकती है। इसके साथ ही शासन स्तर पर कुछ और बड़े बदलावों की भी चर्चाएं हैं।
सिर्फ शासन ही नहीं, बल्कि जिलों में भी प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। कुछ जिलों में जिलाधिकारियों के तबादलों को लेकर होमवर्क पूरा कर लिया गया है। ऐसे में जनवरी 2026 में उत्तराखंड के शासन और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
