हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों की व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट ने 125 छात्र-छात्राओं को व्हाइट कोट पहनाकर महर्षि चरक शपथ दिलाई और उन्हें सेवा भावना के साथ डॉक्टर बनने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए 400 सहायक प्रोफेसरों के इंटरव्यू जल्द आयोजित किए जाएंगे, जिनमें से 50 पद हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार 400 छात्रों को अपने खर्चे पर पीजी की पढ़ाई करा रही है, जिससे 2027 तक राज्य में सभी चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध हो जाएंगे।
डॉ. रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज अगले वर्ष से शुरू होंगे। साथ ही अब हर 15 दिन में फैकल्टी इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे ताकि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी न रहे।
उन्होंने बताया कि व्हाइट कोट सेरेमनी में शपथ लेने वाले हर छात्र-छात्रा पांच परिवारों को गोद लेंगे और पांच वर्षों तक उनकी स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी निभाएंगे। कॉलेज में ई-लाइब्रेरी, ओपन जिम, खेल सुविधाएं, भोजन-पानी की व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है। साथ ही 55 करोड़ की लागत से आधुनिक चिकित्सा उपकरण भी लगाए गए हैं।
मंत्री ने नशामुक्त राज्य की दिशा में छात्रों को जागरूकता अभियान में भाग लेने का आग्रह किया।
इस कार्यक्रम में विधायक बंशीधर भगत, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, मंडी अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू, प्राचार्य प्रो. जी.एस. तितियाल, और कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
वहीं, कार्यक्रम के बाद जब मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्री से सुशीला तिवारी अस्पताल में 9 करोड़ की लागत से बन रही कैथ लैब की गुणवत्ता पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए विषय बदल दिया।
गौरतलब है कि सांसद अजय भट्ट ने पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कैथ लैब निर्माण में देरी और लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
