रुद्रपुर। कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा को एसओजी द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ का गुस्सा फूट पड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक कोतवाली पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। सीओ कार्यालय में एसपी सिटी के सामने उन्होंने अपना मोबाइल टेबल पर पटकते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

विधायक बेहड़ ने कहा कि उन्होंने पहले ही कोतवाल से करीब 15 मिनट तक फोन पर बातचीत की थी और स्पष्ट कर दिया था कि मोहन खेड़ा किसी तरह की गलत गतिविधि नहीं करेगा। इसके बावजूद उसे हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस को उससे पूछताछ करनी थी तो उन्हें जानकारी दी जाती, वह खुद कोतवाली आ जाता।
‘मुझे बता देते तो खुद कोतवाली आ जाता’
विधायक ने पुलिस अधिकारियों के सामने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब उन्होंने मोहन खेड़ा की जिम्मेदारी ली थी, तो उसके बावजूद इस तरह हिरासत में लेना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस तरीके से किसी को हिरासत में लाना कहां तक सही है।
बेहड़ ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से जनप्रतिनिधि के भरोसे और सम्मान को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को मोहन खेड़ा से पूछताछ करनी थी तो उसे नियमानुसार बुलाया जा सकता था, लेकिन दोबारा हिरासत में लेने की कार्रवाई समझ से परे है।
‘जनप्रतिनिधि की बात की कोई कीमत नहीं रहेगी तो भरोसा कैसे होगा?’
विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने पूर्व में कोतवाली प्रभारी और पुलिस के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर मोहन खेड़ा की जिम्मेदारी और गारंटी ली थी। इसके बावजूद पुलिस द्वारा उन्हें दोबारा हिरासत में लिए जाने पर उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि की बात की कोई कीमत नहीं रहेगी तो पुलिस प्रशासन पर कौन विश्वास करेगा। विधायक ने आरोप लगाया कि राजनीतिक इशारों पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।
‘तानाशाही ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी’
विधायक बेहड़ ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह की तानाशाही ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। उन्होंने मामले में पुलिस की भूमिका की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों और विधायक के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।
