देहरादून। उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार को देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य को 8260 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और उत्तराखंड की जनता को रजत जयंती की बधाई दी।

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया और राज्य की उपलब्धियों से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने 930 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और 7210 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 28 हजार से अधिक किसानों को 62 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने देहरादून जलापूर्ति योजना, पिथौरागढ़ विद्युत सबस्टेशन, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र और हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान जैसी परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लगभग ₹8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री ने लगभग ₹7329.06 करोड़ की 19 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें सिंचाई विभाग की ₹2491.96 करोड़ लागत की सौंग बांध… pic.twitter.com/ejztpI98og
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) November 9, 2025
पीएम मोदी ने राज्य की दो बड़ी जल परियोजनाओं — सोंग बांध पेयजल परियोजना और नैनीताल की जमरानी बहुउद्देशीय परियोजना की आधारशिला रखी। इनमें से सोंग बांध परियोजना देहरादून को रोजाना 150 एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराएगी, जबकि जमरानी परियोजना से सिंचाई और विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और नैनीताल में अत्याधुनिक डेयरी प्लांट जैसी योजनाओं की भी नींव रखी गई।
समारोह में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली में करते हुए कहा —
“देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भाई बंधु, दीदी भूली- दाणा स्यांणा, आप सब्यूथैं म्यार नमस्कार।”
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा को सराहा और कहा कि उत्तराखंड ने सीमित संसाधनों के बावजूद उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, उत्पादों और पर्व-त्योहारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह राज्य आने वाले समय में देश के विकास का प्रेरक केंद्र बनेगा।
