देहरादून: उत्तराखंड को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) की 24वीं बोर्ड बैठक पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें सभी 20 एजेंडा प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

इंटरनेशनल इवेंट्स से मिलेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों को स्वीकृति दी गई। इनमें कौसानी में पहली बार होने वाला ATOAI नेशनल कन्वेंशन, देहरादून में उत्तराखंड इंटरनेशनल टूरिज्म कॉन्क्लेव, ग्लोबल फूड फेस्टिवल और टोंस नदी में प्रस्तावित इंटरनेशनल रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल शामिल हैं। इन आयोजनों के जरिए राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की तैयारी है।
एडवेंचर टूरिज्म के लिए 18 बड़े इवेंट्स को हरी झंडी
राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 18 प्रमुख आयोजनों के वार्षिक कैलेंडर को मंजूरी दी गई। इनमें नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा मैराथन, आदि कैलाश परिक्रमा रन, एमटीबी चैलेंज, राष्ट्रीय कयाकिंग-कैनोइंग चैंपियनशिप, औली विंटर कार्निवल, टिहरी एक्रो फेस्टिवल, ‘ट्रेक ऑफ द ईयर’ और कॉर्बेट पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल जैसे बड़े इवेंट शामिल हैं।
धार्मिक स्थलों का समग्र विकास, त्रियुगीनारायण बनेगा वेडिंग डेस्टिनेशन
आध्यात्मिक पर्यटन को मजबूत करने के लिए त्रियुगीनारायण मंदिर, कार्तिक स्वामी मंदिर और कैंची धाम के लिए समग्र डेस्टिनेशन प्लान तैयार करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत पार्किंग, विजिटर मैनेजमेंट और बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि त्रियुगीनारायण मंदिर को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने की भी योजना है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार, 3 हजार से ज्यादा को ट्रेनिंग
बैठक में स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में 3,121 युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना को मंजूरी दी गई है। प्रशिक्षण में माउंटेनियरिंग, स्कीइंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, व्हाइट वॉटर कयाकिंग और वाइल्डरनेस फर्स्ट एड जैसे कोर्स शामिल किए गए हैं।
सुरक्षा को प्राथमिकता, गाइड्स के लिए CPR ट्रेनिंग अनिवार्य
पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी टूर गाइड्स के लिए CPR प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा ट्रेकिंग रूट्स पर होमस्टे अनुदान बढ़ाने, सामुदायिक केंद्रों के निर्माण और रिवर राफ्टिंग व कयाकिंग से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव को भी मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों के जरिए उत्तराखंड सरकार ने पर्यटन को आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल की है।
