गाजा पट्टी में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि अगर उसने उनकी शांति योजना को ठुकराया, तो उसका अंजाम बेहद खतरनाक होगा। वहीं हमास ने संकेत दिए हैं कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा।

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने घोषणा की कि गाजा शहर को पूरी तरह से घेर लिया गया है। नेट्ज़रीम कॉरिडोर को भूमध्य सागर तक बढ़ा दिया गया है, जिससे शहर बाकी हिस्सों से कट गया है। काट्ज़ ने कहा कि जो लोग शहर खाली नहीं करेंगे, उन्हें आतंकियों का समर्थक माना जाएगा और उन पर कार्रवाई होगी।
शांति योजना पर हमास की आपत्ति
ट्रंप की पेशकश में युद्धविराम, बंधकों की रिहाई, इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में अंतरिम सरकार का गठन शामिल है। लेकिन हमास ने कहा है कि स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की गारंटी दिए बिना हथियार डालना संभव नहीं है।
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गाजा में मानवीय संकट गहराया
गाजा शहर में अब भी करीब 3 लाख लोग फंसे हैं। गरीबी, परिवहन की कमी और भीड़भाड़ वाले शिविरों के कारण हजारों लोग सुरक्षित जगहों तक नहीं पहुंच पा रहे। रेड क्रॉस ने इजरायल पर जबरन विस्थापन और नागरिकों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया है।
रणनीति पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि क्या ट्रंप और नेतन्याहू ने ऐसा प्रस्ताव जानबूझकर तैयार किया है जिसे हमास अस्वीकार कर दे, ताकि गाजा को खाली कराने की रणनीति को अमलीजामा पहनाया जा सके।
गाजा पट्टी में युद्धविराम की उम्मीदें एक बार फिर धुंधली पड़ गई हैं और हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
