देहरादून (उत्तराखंड)। राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद न्याय की मांग तेज हो गई है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी नेपाल फरार है। मृतक छात्र का अंतिम संस्कार 27 दिसंबर को त्रिपुरा में संपन्न हुआ। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।

पीड़ित परिवार से संवाद:
सीएम धामी ने एंजेल चकमा के पिता, तरुण प्रसाद चकमा से बात कर बेटे की निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी।
आरोपियों पर कार्रवाई:
धामी ने बताया कि अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए इनाम घोषित किया गया है और विशेष टीमें बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस घटना से व्यक्तिगत रूप से आहत हैं और पीड़ित परिवार के दुःख को समझते हैं।
घटना का समाज पर प्रभाव:
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है, जहां देश-विदेश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इस तरह की घटना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे समाज के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र और त्रिपुरा सरकार से समन्वय:
धामी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। त्रिपुरा सरकार के साथ समन्वय करके परिवार को हर संभव मदद और सहयोग प्रदान किया जाएगा।