देहरादून: उत्तराखंड में सोमवार को कांग्रेस का सचिवालय कूच प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले इस मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।

राजपुर रोड से नारेबाजी करते हुए सुभाष रोड पहुंचे कांग्रेसी जैसे ही आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई नेता और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए, जब कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
पुलिस के धरना समाप्त करने के आग्रह पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की देखने को मिली। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गणेश गोदियाल सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन ले जाया गया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान गोदियाल ने राज्य में भूमि घोटालों और अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे सरकारी जमीन और संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका गहराई है।
उन्होंने हरिद्वार नगर निगम की 2025 की भूमि खरीद, मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में भूमि आवंटन, डाकपत्थर में जल विद्युत निगम की करीब 180 एकड़ जमीन के हस्तांतरण और नैनीताल के रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी भूमि को निजी हाथों में देने के आरोपों का जिक्र किया।
गोदियाल ने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के लैंड बैंक को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि विभिन्न विभागों—राजस्व, पर्यटन, कृषि, उद्यान, सिडकुल और ऊर्जा—की भूमि को एकत्र कर निजी हितों के लिए उपयोग किए जाने की आशंका से जनता चिंतित है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस राज्य की जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदर्शन के दौरान एक हादसा भी हुआ, जब बैरिकेडिंग पर अधिक लोग चढ़ने से वह हिलने लगी। इस दौरान महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला फिसलते-फिसलते बचीं, जबकि डॉ. प्रतिमा सिंह गिरकर घायल हो गईं।
इस मौके पर सूर्यकांत धस्माना, नवीन जोशी, विरेंद्र पोखरियाल, गोदावरी थापली, राजकुमार, गरिमा महरा दसौनी, लालचंद शर्मा, महेंद्र नेगी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
