नई दिल्ली। उत्तराखंड के किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों निकायों की मतगणना 7 अक्टूबर 2026 को कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को 9 अक्टूबर को अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। यानी 7 अक्टूबर को मतगणना कराने के बाद संबंधित अधिकारियों को अदालत के निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत करनी होगी।
22 सितंबर को हुआ था मतदान
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया गया था। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतगणना 24 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। मतदान के बाद दोनों निकायों की मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं और प्रत्याशी लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
मतगणना स्थगित होने के बाद मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंचा। मतगणना जल्द कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मतगणना कराने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। किच्छा निवासी सभासद प्रत्याशी अलीना मलिक की ओर से मतगणना जल्द कराने की मांग को लेकर विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई SLP (C) No. 35514/2026 के तहत हुई।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना को और आगे टालने की अनुमति नहीं दी और 7 अक्टूबर को मतगणना कराने का स्पष्ट निर्देश दिया।
मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल रहे।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने रखे तर्क
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मतगणना में देरी के पक्ष में कानून-व्यवस्था समेत विभिन्न परिस्थितियों का हवाला दिया गया। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मतगणना को और आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी और निर्धारित तिथि पर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को अब सीमित समय में मतगणना की पूरी तैयारियां करनी होंगी।
जरूरत पड़ी तो बुलाया जाएगा अतिरिक्त पुलिस बल
अदालत ने मतगणना के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के सामने अब स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, मतगणना केंद्र की सुरक्षा, कर्मचारियों की तैनाती और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य इंतजामों को समय पर पूरा करने की चुनौती है।
7 अक्टूबर को आएगा चुनाव परिणाम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के परिणाम का रास्ता साफ हो गया है। 7 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के बाद अध्यक्ष पद के साथ-साथ विभिन्न वार्डों के परिणाम भी सामने आएंगे।
लंबे समय से चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें अब 7 अक्टूबर पर टिकी हैं। मतगणना से पहले दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक प्रशासन को मतगणना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करानी होगी। इसके बाद 9 अक्टूबर को अदालत के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाएगी।
