पंतनगर: गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 120वें किसान मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। तीन से छह अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके कश्यप ने मेला परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदर्शनी परिसर और स्टॉल से लेकर किसानों व आगंतुकों की सुविधाओं तक विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्किंग, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
मेले में बड़ी संख्या में किसानों और आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। कुलपति ने संबंधित अधिकारियों को बाहरी वाहनों के लिए आवश्यक रूट डायवर्जन की व्यवस्था करने और यातायात संचालन सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को मेले से संबंधित तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के साथ व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने को कहा।
3 अक्टूबर को होगा उद्घाटन
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, किसान मेले का उद्घाटन 3 अक्टूबर को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) करेंगे। वहीं, 4 अक्टूबर को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण मेले में प्रतिभाग करेंगे।
देशभर से पहुंचेंगे किसान और कृषि विशेषज्ञ
किसान मेले में देश के विभिन्न राज्यों से किसान, कृषि विशेषज्ञ, उद्यमी और अन्य आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगंतुकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस वर्ष किसान मेले की थीम ‘स्मार्ट खेती, स्वस्थ धरती, समृद्ध किसान’ रखी गई है। मेले में आधुनिक कृषि तकनीक, खेती में नवाचार और किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
