नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित बीमारियों के सामने आए मामलों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे इंतजामों का नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने मंगलवार को जायजा लिया। सांसद ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट का निरीक्षण कर उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।

स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर सांसद ने चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों से मरीजों की संख्या, जांच प्रक्रिया, उपलब्ध दवाओं और उपचार की व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
दिल्ली और नैनीताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि क्षेत्र में जल जनित बीमारियों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं। उनके मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में दिल्ली के साथ नैनीताल जिले के विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है, जिससे मरीजों को आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और मरीजों की जांच व उपचार का कार्य जारी है।
पीड़ित परिवारों से भी मिले अजय भट्ट
बीमारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से सांसद अजय भट्ट ने उनके घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
अजय भट्ट ने कहा कि घटना के कारणों और परिस्थितियों को लेकर संबंधित विभागों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सांसद ने कहा कि इस समय सरकार का मुख्य फोकस प्रभावित लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए मॉनिटरिंग पर जोर
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्योलिकोट और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और स्थिति सामान्य होने तक निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
