देहरादून: हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद मंच का शुद्धीकरण किया जाना न केवल गलत है, बल्कि यह संविधान और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

राहुल गांधी ने कहा कि 10 अगस्त को हल्द्वानी में जो शुद्धीकरण कार्यक्रम किया गया, वह भाजपा और आरएसएस की सोच को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कृत्य दलितों और वंचित वर्गों के प्रति भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाते हैं। राहुल ने कहा कि यह मामला एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आता है और इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया था, लेकिन इसके बाद भी उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुद्धीकरण की कार्रवाई का समर्थन किया। राहुल गांधी ने मांग की कि शुद्धीकरण कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले पर अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस कोई असंभव मांग नहीं कर रही है, बल्कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए न्याय की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने क्या कहा था?
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुद्धीकरण कार्यक्रम को उचित ठहराया था। उन्होंने कहा था कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए, जो मैदान की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में कार्यक्रम के बाद यदि मैदान का शुद्धीकरण किया गया तो उसमें कुछ भी गलत नहीं है।
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह ऐसे विषयों को तूल देकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके तीन दिन बाद 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने उस मंच का शुद्धीकरण यज्ञ आयोजित किया, जहां से खड़गे ने भाषण दिया था।
न्यास का दावा था कि रामलीला मैदान एक सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का मंच है, जहां ऐसे नारे लगाए गए जो उसकी परंपरा और मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। इसी कारण मंच का शुद्धीकरण किया गया।
हालांकि, इस घटना के बाद कांग्रेस ने इसे दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए भाजपा पर हमला बोला, जबकि भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा मामला बताया। अब राहुल गांधी के ताजा बयान के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक गर्माहट पकड़ता नजर आ रहा है।
