नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ को लेकर देश के सामने एक बड़ा आर्थिक और तकनीकी रोडमैप रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भारतीय कंपनियों, बैंकों, तकनीक और विनिर्माण क्षमता का वैश्विक स्तर पर मजबूत होना भी जरूरी है।
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पीएम मोदी ने वर्ष 2047 तक दुनिया की फॉर्च्यून-500 कंपनियों की सूची में कम से कम 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया के शीर्ष पांच सबसे बड़े बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक का होना जरूरी है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा विस्तार
प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े विस्तार का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले 1 से 2 वर्षों में देश में 7 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को केवल दूसरे देशों के उत्पादों की असेंबली तक सीमित नहीं रहना है। देश में उत्पादों की डिजाइनिंग से लेकर उनके कल-पुर्जों के निर्माण तक पूरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करनी होगी। इससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर सकेगा।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाना है। इसके लिए अगले 6-7 वर्षों में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा में भी तेजी से बढ़ी क्षमता
प्रधानमंत्री ने देश में सौर ऊर्जा के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 2 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर लगभग 160 गीगावाट तक पहुंच गई है।
‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत अब तक 50 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाने की जानकारी भी दी गई। सरकार का जोर घरेलू स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन और बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सौर ऊर्जा की भूमिका बढ़ाने पर है।
PNG कनेक्शन का भी विस्तार
रसोई गैस और पाइप्ड गैस के क्षेत्र में हुए विस्तार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध थी। अब यह सुविधा करीब 700 शहरों के लगभग 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच चुकी है।
‘सप्त धारा’ से विकसित भारत की राह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास को गति देने के लिए ‘सप्त धारा’ का मंत्र भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि विकास की इन सात प्रमुख धाराओं को मजबूत करके भारत आने वाले वर्षों में अपनी आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक क्षमता को नई ऊंचाई तक ले जा सकता है।
प्रधानमंत्री के इस विजन में तकनीकी आत्मनिर्भरता, मजबूत भारतीय कंपनियां, वैश्विक बैंकिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा, घरेलू विनिर्माण और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की मजबूत भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।
