नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित इस मुलाकात में पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और भविष्य के लिए उनका हौसला बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने खिलाड़ियों को उत्कृष्टता की दिशा में लगातार आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम मोदी बोले- ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’
खिलाड़ियों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “आपने बहुत अच्छा काम किया है। आपने देश का मान बढ़ाया है। मैं आपको दिल से बधाई देता हूं।”
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें अपनी उपलब्धियों के बाद भी मेहनत जारी रखनी चाहिए। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी भविष्य में भी देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा। हमेशा भारत का हौसला बढ़ाइए।”
मीराबाई चानू की कहानी सुनकर भावुक हुए प्रधानमंत्री
मुलाकात के दौरान गोल्ड मेडल जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संघर्ष और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के अनुभव साझा किए।
चानू पोडियम पर तिरंगा लहराए जाने के उस भावुक पल को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने अपने आंसुओं को अपनी जीत से जोड़ते हुए कहा कि उस समय उनकी आंखों से निकली हर बूंद उन्हें गोल्ड मेडल जैसी महसूस हो रही थी।
मीराबाई की बात सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने उनके संघर्ष और उपलब्धि की सराहना की।
पीएम मोदी ने शेयर की खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें
खिलाड़ियों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं की मेजबानी करके उन्हें खुशी हुई। उन्होंने खिलाड़ियों के खेल अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है और उनकी सफलता युवाओं की नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी।
भारत ने जीते 39 पदक
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदक जीते। भारतीय दल के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक आए। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
बॉक्सिंग में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से शानदार रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीते, जिसमें सात स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल रहे।
जूडो में भारत ने रचा इतिहास
जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने 12 जूडो स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हुए चार पदक जीते। इनमें दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे।
अस्मिता ने स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनने की उपलब्धि हासिल की। वहीं हर्ष ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय पुरुष जूडो में भी नया इतिहास रचा।
बड़े खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद दमदार प्रदर्शन
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में इस बार कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे भारत के कई पारंपरिक पदक दिलाने वाले खेल शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया।
कम स्पर्धाओं के बीच 39 पदक जीतना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारतीय दल ने अपने प्रदर्शन के दम पर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
