देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक 23 वर्षीय NEET अभ्यर्थी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। चंद्रमणि कॉलोनी निवासी रिया कुमारी लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
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पुलिस के अनुसार, रिया पहले भी NEET परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन सफलता नहीं मिलने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इसी दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से एक भावनात्मक नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपने माता-पिता के प्रति प्यार जताते हुए पढ़ाई में असफलता का जिक्र किया है।
रिया अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और कारगिल युद्ध में शामिल रह चुके हैं। बेटी की अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हाल के समय में इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया – दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे – जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
ये मौतें…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 17, 2026
उन्होंने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इलाके में शोक, उठे कई सवाल
रिया की मौत के बाद स्थानीय लोग स्तब्ध हैं और परिवार इस दुखद घटना को लेकर गहरे सदमे में है। यह मामला एक बार फिर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
