किच्छा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से वर्चस्व कायम करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित सभी प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है। अध्यक्ष पद पर कुमारी किरण राठौर और उपाध्यक्ष पद पर कमल ठठोला का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।

इस चुनाव में कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही और वह नामांकन प्रक्रिया में भी भाग नहीं ले सकी। जानकारी के अनुसार, समिति के 14 सदस्यीय बोर्ड में कांग्रेस के पास केवल दो निदेशक थे, जिसके कारण वह प्रस्तावक और अनुमोदक तक नहीं जुटा पाई।
चुनाव की पूरी रणनीति पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में तैयार की गई थी। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की दक्षिणी किच्छा, नारायणपुर, शांतिपुरी, बरा और बगवाड़ा सहित कई किसान सेवा सहकारी समितियों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की।
19 मई को हुए निदेशक चुनाव में 13 में से 11 निदेशक निर्विरोध भाजपा समर्थित चुने गए थे, जिससे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध जीत लगभग तय हो गई थी। निर्वाचित निदेशकों में किरण राठौर, कमल ठठोला, राकेश ठाकुर, मनोज गंगवार, मनप्रीत कौर, भावना जोशी, प्रीति द्विवेदी, सोमवती, तौफीक अहमद, मनमोहन सक्सेना और नंदलाल गौतम शामिल हैं। वहीं कमलेंद्र सेमवाल को शासन की ओर से नामित निदेशक बनाया गया।
इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं के लिए भी डेलीगेट निर्विरोध चुने गए। जिला सहकारी बैंक के लिए बिरजू प्रसाद, मूलचंद राठौर, आशीष शुक्ला और जसप्रीत कौर को प्रतिनिधित्व मिला। तराई विकास संघ, यूसीएफ, केंद्रीय उपभोक्ता भंडार हल्द्वानी और रुद्रपुर के लिए भी कई नाम तय किए गए।
चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस जीत के साथ ही किच्छा क्षेत्र में सहकारिता संस्थाओं पर भाजपा का प्रभाव और मजबूत हो गया है, जिसे आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
