मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी समापन समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित कर सीएम धामी ने बढ़ाया हौसला
देहरादून। उत्तराखंड में 23 दिसंबर से आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के पहले संस्करण का औपचारिक समापन युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय के मिनी ग्राउंड में हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और राज्य में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

तीन प्रस्तावों पर होगा परीक्षण
कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य ने खिलाड़ियों से संबंधित तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे। इनमें चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए आवासीय हॉस्टल निर्माण, भोजन दरों में वृद्धि तथा मुख्यमंत्री खेल क्लब की स्थापना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रस्तावों का परीक्षण कराया जाएगा और उपयुक्त पाए जाने पर इन्हें मुख्यमंत्री घोषणाओं में शामिल किया जाएगा।
राज्यव्यापी बहुस्तरीय आयोजन
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की शुरुआत 23 दिसंबर 2025 को हरिद्वार के सालिमपुर न्याय पंचायत स्थित खेल मैदान से हुई थी। प्रतियोगिता का आयोजन न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय और राज्य स्तर पर चरणबद्ध रूप से किया गया।
प्रदेश के 662 न्याय पंचायत, 70 विधानसभा क्षेत्रों और पांच संसदीय क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कुल 1,62,413 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 1,01,444 पुरुष और 60,966 महिला खिलाड़ी शामिल रहे।
देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ ही विजेता टीम को ट्रॉफी और चेक प्रदान कर पुरस्कृत किया।
उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। प्रदेश… pic.twitter.com/L2adcFfAmD
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 18, 2026
आयु वर्ग के अनुसार अंडर-14 में 82,510, अंडर-19 में 79,686 और दिव्यांग वर्ग में 217 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। न्याय पंचायत स्तर पर 1,19,785, विधानसभा स्तर पर 19,784, संसदीय स्तर पर 12,616 और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 10,628 खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा की।
खिलाड़ियों को मिला व्यापक मंच
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस ट्रॉफी ने प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ें और राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों के हित में सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को और सुदृढ़ किया जा सके।
