नई दिल्ली: दिसंबर की शुरुआत में बड़ी संख्या में हुई फ्लाइट रद्दीकरण की घटनाओं से परेशान यात्रियों को अब राहत मिलने वाली है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo अगले सप्ताह से मुआवजा वितरण शुरू करेगी। यह कदम नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद उठाया गया है। सरकार ने एयरलाइन को सभी पात्र यात्रियों तक मुआवजा समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

IndiGo 26 दिसंबर से उन यात्रियों को ₹10,000 के ट्रैवल वाउचर प्रदान करेगी, जो 3, 4 और 5 दिसंबर को फ्लाइट रद्द होने के कारण लंबे समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। यह वाउचर सरकार के नियमों के तहत मिलने वाले ₹5,000 से ₹10,000 के मुआवजे के अतिरिक्त होगा, ताकि यात्रियों को हुई असुविधा की भरपाई की जा सके।
सबसे पहले मुआवजा उन यात्रियों को दिया जाएगा जिन्होंने IndiGo की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे टिकट बुक किए थे, क्योंकि उनकी पूरी जानकारी एयरलाइन के पास पहले से मौजूद है। इसके बाद ट्रैवल एजेंटों और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTA) के माध्यम से बुकिंग करने वाले यात्रियों का डेटा जुटाकर उन्हें भी सीधे भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) यह सुनिश्चित करेगा कि हर पात्र यात्री को मुआवजा मिले। इसके अलावा नागरिक उड्डयन मंत्रालय Air Seva पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा, ताकि लंबित शिकायतों और भुगतान में हो रही देरी को समय पर हल किया जा सके।
हालांकि IndiGo ने रद्द फ्लाइट्स के लिए रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन OTA के माध्यम से टिकट बुक कराने वाले कई यात्रियों को अभी तक पूरा रिफंड नहीं मिला है। कुछ मामलों में एयरलाइन ने राशि लौटा दी, लेकिन OTA ने बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स में राशि क्रेडिट नहीं की। DGCA ने सभी OTA को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को बिना किसी कटौती के पूरी राशि लौटाई जाए।
आंकड़ों के अनुसार, 1 से 9 दिसंबर के बीच IndiGo ने कुल 4,354 फ्लाइट्स रद्द की थीं। इनमें से केवल 3, 4 और 5 दिसंबर को ही 2,507 फ्लाइट्स रद्द हुईं, जिनमें 2,456 घरेलू और 51 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल थीं। औसतन प्रति फ्लाइट 150 यात्रियों को मानते हुए लगभग 3.8 लाख यात्रियों को ट्रैवल वाउचर मिलने की संभावना है। कुल मुआवजा राशि ₹376 करोड़ से अधिक अनुमानित है, जिसमें देरी के कारण मिलने वाला अतिरिक्त मुआवजा भी शामिल है।
