

तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच में आशंका जताई गई कि अंतरराष्ट्रीय कॉल को अवैध तरीके से गेटवे बाईपास कर स्थानीय कॉल के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा था। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर की मदद से एक साथ बड़ी संख्या में फोन नंबरों पर स्वचालित कॉल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
ऐसी रोबो कॉलिंग का इस्तेमाल प्रचार गतिविधियों या संभावित साइबर ठगी के लिए किया जा सकता था। हालांकि, कॉल के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
कंप्यूटर, राउटर और डिजिटल साक्ष्य बरामद
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से एक कंप्यूटर सिस्टम, वर्चुअल मशीन का डेटा, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक एसईटीयूपी वीटीईपी उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए।
एसटीएफ के अनुसार, कंप्यूटर सिस्टम की जांच में लिनक्स आधारित वर्चुअल मशीन, फ्री पीबीएक्स लॉगिन, एसएसएच क्लाइंट जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और व्हाट्सएप चैट से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। इन साक्ष्यों में एसआईपी ट्रंक और केबल कनेक्शन से संबंधित जानकारी शामिल बताई गई है।
कई कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज
गिरफ्तार आरोपी नईमुद्दीन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के मनकुआ मकसूदपुर का निवासी बताया गया है। उसके खिलाफ रुद्रपुर स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले में बरामद डिजिटल उपकरणों और कॉल रिकॉर्ड की जांच अहम मानी जा रही है। इससे नेटवर्क के संचालन के तरीके और कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
