उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन करने का ऐलान किया है। काशीपुर रोडवेज डिपो में आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने मांगों पर चर्चा करते हुए आंदोलन की रणनीति तय की। यूनियन ने निर्णय लिया है कि 23 अक्टूबर को 24 घंटे का आंदोलन किया जाएगा, जबकि 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से उठाया जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है।

छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी
यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि संविदा, एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक-परिचालकों और विशेष श्रेणी के तकनीकी कर्मचारियों के वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है। यूनियन की प्रमुख मांग है कि इन कर्मचारियों को प्रतिमाह 30,447 रुपये का भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही कर्मचारियों को हर महीने सात तारीख से पहले वेतन देने की मांग भी उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि समय पर वेतन मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।
राजकीय कोष से वेतन देने और महंगाई भत्ते की मांग
यूनियन ने उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर राजकीय कोष से वेतन देने की मांग की है। इसके अलावा राज्य कर्मचारियों की तरह 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना जरूरी है। संगठन इन मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
23 अक्टूबर को 24 घंटे का आंदोलन, 30 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार
काशीपुर डिपो में हुई बैठक में आंदोलन के कार्यक्रम पर सहमति बनी। इसके तहत 23 अक्टूबर को 24 घंटे का आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
यूनियन के इस फैसले से रोडवेज सेवाओं पर संभावित असर को लेकर यात्रियों की चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आंदोलन के दौरान बसों के संचालन पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव और प्रबंधन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।
बैठक में ये कर्मचारी रहे मौजूद
बैठक में यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी के साथ उमेश चौधरी, मुकेश कुमार शर्मा, हरप्रीत सिंह, जितेंद्र धानिक, हरजिंदर सिंह, भूपेन्द्र सिंह, मोहम्मद सलीम और महेश सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। अब देखना होगा कि निर्धारित तिथियों से पहले मांगों पर कोई समाधान निकलता है या कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।
