शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) परिसर में स्थित श्री गोल्ज्यू महाराज मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गणेश पूजन, विधिवत पूजा-अर्चना, जागर, हवन और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने गोल्ज्यू महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

पूजन के साथ हुआ दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
श्री गोल्ज्यू महाराज मंदिर के स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ शनिवार शाम पंडित कैलाश तिवारी ने गणेश पूजन और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कई जोड़े उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करते नजर आए। पारंपरिक परिधान और धार्मिक रीति-रिवाजों ने कार्यक्रम को विशेष सांस्कृतिक रंग दिया।
पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में देर रात तक जागर का आयोजन किया गया। इस दौरान गोल्ज्यू महाराज की महिमा का गुणगान किया गया। जागर के माध्यम से उत्तराखंड की लोक आस्था और पारंपरिक धार्मिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। श्रद्धालु देर रात तक धार्मिक आयोजन में शामिल रहे और भक्तिमय वातावरण में गोल्ज्यू महाराज का स्मरण किया।
रविवार को हवन-पूजन, देर शाम तक चला प्रसाद वितरण
दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार सुबह मंदिर परिसर में हवन-पूजन का आयोजन किया गया। विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा में हिस्सा लिया और सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की।
हवन-पूजन के बाद प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही। आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता से मंदिर परिसर में उत्साह और भक्ति का माहौल दिखाई दिया।
उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की दिखी झलक
श्री गोल्ज्यू महाराज मंदिर का द्वितीय स्थापना दिवस धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित रहा। पूजा-अर्चना, जागर और पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया। दो दिनों तक चले कार्यक्रम में लोगों ने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और गोल्ज्यू महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर शैल परिषद के संरक्षक भारत लाल साह, अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल, महामंत्री दिवाकर पांडेय, कोषाध्यक्ष डीके दनाई, सतीश लोहनी, कीर्ति निधि शर्मा, राजेंद्र बोरा, हरीश दनाई, मोहन उपाध्याय, दिनेश बम, दान सिंह मेहरा, राजेंद्र बलोदी, डॉ. एलएम उप्रेती, डॉ. अमिता उप्रेती और नीलांबर जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने गोल्ज्यू महाराज के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर का स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा, भक्ति और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संगम के रूप में संपन्न हुआ।
