उत्तराखंड के जसपुर क्षेत्र के मंडुआखेड़ा गांव में रविवार शाम गन्ने के खेत में अचानक आग लगने से करीब साढ़े चार बीघा फसल जलकर राख हो गई। आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों की तत्परता से पास के खेत में खड़ी धान की फसल को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।

अग्निशमन विभाग के अनुसार, रविवार शाम मंडुआखेड़ा-भगवानपुर चौराहे के पास गन्ने के खेत में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्टेशन प्रभारी संदीप असनावडे के निर्देशन में दो फायर टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंचने पर टीमों ने देखा कि मंडुआखेड़ा निवासी पूर्व प्रधान प्रकाश सिंह के खेत में गन्ने की खड़ी फसल धू-धू कर जल रही थी। आग तेजी से आसपास के खेतों की ओर बढ़ रही थी, जिससे अन्य फसलों के भी नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया था।
दमकल की दो टीमों ने संभाला मोर्चा
आग की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीमों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इसके लिए वाटर टेंडर और मिनी हाई प्रेशर वाहन की मदद ली गई। दमकल कर्मियों ने होजरील फैलाकर आग पर पानी की बौछार की और आग को आसपास के खेतों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया।
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, तब तक खेत में खड़ी गन्ने की काफी फसल जल चुकी थी। आग बुझाने के दौरान टीमों का विशेष ध्यान आसपास के खेतों को सुरक्षित रखने पर रहा।
पांच बीघा फसल में से साढ़े चार बीघा जली
जानकारी के अनुसार, खेत में कुल पांच बीघा गन्ने की फसल खड़ी थी। आग लगने से इसमें से करीब साढ़े चार बीघा फसल जल गई, जबकि आधा बीघा फसल को बचा लिया गया। आग से किसान को फसल का नुकसान हुआ है। वहीं, समय रहते दमकल टीमों के पहुंचने से पास के खेत में खड़ी धान की फसल सुरक्षित बच गई।
घटना के बाद क्षेत्र में खेतों में आग लगने से फसलों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में आग लगने के कारणों और नुकसान के कुल आर्थिक आकलन का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
