रुड़की: हरिद्वार रोड स्थित एक नशामुक्ति केंद्र से करीब नौ महीने से भर्ती एक बुजुर्ग को पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया। मामले में रिश्तेदारों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बुजुर्ग के दो बेटों ने पहले उनकी जमीन बेच दी, फिर उनकी पेंशन पर लोन लिया और इसके बाद उन्हें नशामुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया।
रिश्तेदारों के अनुसार, बुजुर्ग मूल रूप से देहरादून के निवासी हैं। उनका आरोप है कि बेटों ने बुजुर्ग की संपत्ति बेचकर पूरी रकम अपने पास रख ली। इसके अलावा उनकी पेंशन के आधार पर भी लोन लिया गया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें हरिद्वार रोड स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया गया, जहां वे पिछले करीब नौ महीने से रह रहे थे।

पुलिस के हस्तक्षेप से बुजुर्ग हुए मुक्त
मामले की जानकारी मिलने पर रिश्तेदार नशामुक्ति केंद्र पहुंचे और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग को नशामुक्ति केंद्र से बाहर निकाला।
आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रिश्तेदारों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
