नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध Kainchi Dham के प्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। पिथौरागढ़ निवासी एक श्रद्धालु की शिकायत को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार, जिलाधिकारी नैनीताल, एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायमित्र की नियुक्ति, विस्तृत जानकारी मांगी
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अधिवक्ता धर्मेंद्र बर्थवाल को न्यायमित्र नियुक्त किया है। कोर्ट ने ट्रस्ट से चढ़ावे की राशि, आय-व्यय विवरण, संपत्तियों और प्रशासनिक ढांचे की पूरी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि संत Neem Karoli Baba द्वारा स्थापित इस धाम के ट्रस्ट से संबंधित बुनियादी जानकारी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। ट्रस्ट का पंजीकरण, ट्रस्टियों की संख्या, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया और कार्यालय का पता प्रशासनिक अभिलेखों में स्पष्ट नहीं बताया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन आय-व्यय और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती। विदेशी श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए एफसीआरए से संबंधित जानकारी सार्वजनिक न करने पर भी प्रश्न उठाए गए हैं।
सरकारी निगरानी की मांग
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ट्रस्ट को Jageshwar Dham और Badrinath-Kedarnath Temple Committee की तर्ज पर सीमित सरकारी नियंत्रण में लाया जाए। याचिका में तर्क दिया गया है कि भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत पंजीकृत धार्मिक ट्रस्टों को अपनी संपत्ति, आय-व्यय और वार्षिक ऑडिट का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
आस्था का प्रमुख केंद्र
कैंची धाम उत्तराखंड का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर वर्ष स्थापना दिवस पर विशाल मेले का आयोजन होता है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जबकि हल्द्वानी और काठगोदाम निकटतम रेलवे स्टेशन हैं। नैनीताल से यह स्थल लगभग 30–45 मिनट की दूरी पर स्थित है।
