प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा की कोर कमेटी की अहम बैठक 14 फरवरी को देहरादून में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। कोर कमेटी की औपचारिक घोषणा एक-दो दिनों के भीतर होने की संभावना है।

भाजपा कोर कमेटी की यह बैठक विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में राज्य से जुड़े बड़े राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से मंथन होगा। इसमें संभावित गठबंधन, प्रमुख चुनावी अभियानों की दिशा, संगठनात्मक प्राथमिकताएं और चुनावी रोडमैप पर चर्चा की जाएगी। विधानसभा चुनाव से पहले सीटवार रणनीति, संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया, प्रचार के मुख्य मुद्दे और कमजोर व मजबूत क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।
बैठक में जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति की समीक्षा होगी। यह भी आकलन किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है और किन स्थानों पर संगठन को और सशक्त करने की आवश्यकता है। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। इसके साथ ही मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और भूमिकाओं पर भी विचार-विमर्श होगा।
चुनावी रणनीति के तहत बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि कोर कमेटी की घोषणा जल्द की जाएगी, जिसके बाद जेपी नड्डा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होगी।
पहला राज्य स्तरीय सर्वे पूरा, रणनीति को मिलेगी धार
भाजपा का पहला राज्य स्तरीय सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे से मिले इनपुट को कोर कमेटी के सामने रखा जाएगा, जिसके आधार पर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को और मजबूत करेगी। महेंद्र भट्ट ने बताया कि पहले चरण के सर्वे के बाद अब दूसरे चरण का सर्वे शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अलग सर्वे भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य चुनाव में जीत दर्ज करना है।
विधायक-मंत्री अपनी सीट से ही करें तैयारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ शब्दों में कहा कि विधायक हों या मंत्री, सभी को अपनी मौजूदा विधानसभा सीट से ही आगामी चुनाव की तैयारी करनी होगी। संगठन ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और चुनाव से पहले किसी भी नेता को सीट बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
