पीएम मोदी का आज से बंगाल-असम दौरा: हजारों करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन, कई नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार और रविवार को पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों राज्यों में बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसमें रेल, सड़क और बुनियादी ढांचा शामिल है। कुल मिलाकर इन परियोजनाओं की लागत हजारों करोड़ रुपये से अधिक है।

शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 1.45 बजे पश्चिम बंगाल के मालदा में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें हैं—
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न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल
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न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली
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अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बंगलूरू
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अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल)
शनिवार शाम पीएम मोदी असम के गुवाहाटी स्थित सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित पारंपरिक बोडो सांस्कृतिक कार्यक्रम “बागुरुम्बा” में भाग लेंगे, जो बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है।
रविवार को प्रधानमंत्री असम के नागांव जिले के कालियाबोर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। यह परियोजना 86 किलोमीटर लंबी है, जिसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से गुजरने वाला 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर और 21 किलोमीटर का बाईपास खंड शामिल है। इस अवसर पर दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी।
साथ ही प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
पश्चिम बंगाल में रेल परियोजनाओं को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी एलएचबी कोचों से सुसज्जित दो नई ट्रेन सेवाओं—
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राधिकापुर–एसएमवीटी बंगलूरू एक्सप्रेस
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बालुरघाट–एसएमवीटी बंगलूरू एक्सप्रेस
को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, जिनमें शामिल हैं—
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बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
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न्यू जलपाईगुड़ी में आधुनिक माल ढुलाई रखरखाव सुविधाएं
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सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
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जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण
इस दौरान पीएम मोदी दो और नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर)—को हरी झंडी दिखाएंगे। इन नई सेवाओं से पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
