रायबरेली, उत्तर प्रदेश:
पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पर बुधवार को उस वक्त हमला हुआ जब वह रायबरेली के सारस चौराहे पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत के लिए रुके थे। फूल-मालाओं के बीच अचानक एक युवक ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्वागत के दौरान पीछे से आए युवक ने माला पहनाने के बहाने स्वामी प्रसाद पर हमला कर दिया। इससे उनके समर्थक भड़क उठे और दोनों युवकों को पकड़कर लात-घूंसे और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। घायल हालत में दोनों आरोपियों को पुलिस ने किसी तरह भीड़ से बचाया और थाने ले गई।
हमलावर बोला – सनातन और भगवान राम के अपमान से था नाराज़
VIDEO | Raebareli: A person tried to slap former UP minister Swami Prasad Maurya during a public event. The accused was later thrashed by the supporters of the leader before the police detained him. #UPNews #UttarPradeshNews
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— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2025
पुलिस पूछताछ में आरोपी रोहित द्विवेदी ने स्वीकार किया कि वह करणी सेना से जुड़ा है और उसने हमला स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा सनातन धर्म, भगवान राम और ब्राह्मणों के खिलाफ की गई टिप्पणियों के विरोध में किया। उसके साथ पकड़ा गया युवक शिवम यादव उसका साथी था। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मौर्य ने योगी सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद मौर्य ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा:
“यह कानून-व्यवस्था की खुली नाकामी है। योगी सरकार में अपराधियों और गुंडों को खुली छूट मिली है। एक जाति विशेष के लोगों को अपराध का लाइसेंस मिल चुका है।“
उन्होंने हमलावरों को “करणी सेना के नाम पर समाज को गुमराह करने वाले कीड़े-मकोड़े” बताया और कहा कि जब पुलिस की मौजूदगी में हमले हो रहे हैं, तो अकेले में क्या होता होगा, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

पहले भी हो चुका है हमला
यह कोई पहली बार नहीं है जब मौर्य को निशाना बनाया गया हो। दो साल पहले लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन पर जूता फेंका गया था। तब भी समर्थकों ने हमलावर को दबोच कर पीटा था और पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा था।
वीडियो वायरल, सियासी घमासान शुरू
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। विपक्षी दलों से लेकर आम जनता तक इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रही हैं। वहीं, भाजपा खेमे में भी चुप्पी छाई हुई है। रायबरेली की इस घटना ने प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है।
