ऊधम सिंह नगर: उत्तराखंड की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई, जब महेंद्र भट्ट अचानक गदरपुर पहुंचे और सीधे विधायक अरविंद पांडे के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस अप्रत्याशित दौरे ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।

गदरपुर में बढ़ी सियासी सरगर्मी
प्रदेश अध्यक्ष के आगमन की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं की भीड़ पांडे के घर के बाहर जुटने लगी। फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया। हालांकि बाहर समर्थकों में उत्साह था, लेकिन अंदर बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच लंबी और अहम बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठनात्मक मजबूती, स्थानीय राजनीतिक हालात और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
अपने संबोधन में महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं से अभी से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।
मुलाकात के कई राजनीतिक संकेत
इस बैठक को महज औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा पार्टी के अंदर संभावित असहमति को दूर करने की कोशिश भी हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, विधायक अरविंद पांडे बीते कुछ समय से कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।

ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष का सीधे उनके घर पहुंचना कई संदेश दे रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व 2027 से पहले किसी भी तरह के अंदरूनी मतभेद को खत्म कर संगठन को एकजुट रखना चाहता है।
क्षेत्रीय समीकरण साधने की कवायद
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय नेताओं को साधने और संभावित असंतोष को शांत करने में जुटा है, ताकि चुनावी साल से पहले कोई विवाद सार्वजनिक रूप से न उभरे।
भूमि विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें
गदरपुर विधायक अरविंद पांडे इन दिनों एक भूमि विवाद को लेकर भी चर्चा में हैं। 20 जनवरी को बाजपुर पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने के आरोप में उनके भाई देवानंद पांडे समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायतकर्ता संजय बंसल ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर अवैध निर्माण का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया।
विधायक अरविंद पांडे ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है। 30 जनवरी को उन्होंने पुलिस मुख्यालय देहरादून में डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात कर दोनों पक्षों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग भी की थी।
कौन हैं अरविंद पांडे?
अरविंद पांडे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और गदरपुर सीट से विधायक हैं। वे त्रिवेंद्र रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। 20 मई 1971 को जन्मे पांडे ने 1997 में बाजपुर नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में उस समय के उत्तर प्रदेश में सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया था।
