यमन की जेल में हत्या के जुर्म में बंद केरल की नर्स निमिषा प्रिया के खिलाफ मृतक के परिजनों ने फिर से सख्त रुख अपनाया है। मृतक तलाल अब्दो महदी के भाई अब्दुल फत्ताह महदी ने तीसरी बार यमन के डिप्टी अटॉर्नी जनरल से मिलकर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को तुरंत लागू करने की अर्जी दी है।

फत्ताह ने शनिवार को फेसबुक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की और एक पत्र भी जारी किया, जिस पर कथित तौर पर तलाल के उत्तराधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। पत्र में हत्या को यमन के इतिहास में “अभूतपूर्व” बताते हुए निमिषा को फौरन फांसी देने की मांग की गई है।
पहले 16 जुलाई को होनी थी फांसी
निमिषा की फांसी की तारीख 16 जुलाई तय हुई थी, लेकिन राजनयिक और धार्मिक नेताओं के हस्तक्षेप के बाद इसे टाल दिया गया। 38 वर्षीय निमिषा, केरल के पलक्कड़ जिले के कोल्लेंगोड की रहने वाली है और जुलाई 2017 में महदी की हत्या की दोषी पाई गई थी। आरोप है कि पासपोर्ट वापस लेने के लिए उसने महदी को बेहोशी का इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट तक हार, मुआवजा भी ठुकराया
2020 में यमन की अदालत ने मौत की सजा सुनाई, जिसे नवंबर 2023 में सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने बरकरार रखा। फिलहाल वह सना की एक जेल में बंद है, जो ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कब्जे में है। वहीं, पीड़ित परिवार ब्लड मनी (मुआवजा) लेने से भी इंकार कर चुका है।
