हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर कथित अतिक्रमण से जुड़े मामले में आज 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क मोड में है।

क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने खुद बनभूलपुरा का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण किया। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जिला पुलिस के साथ आरपीएफ, पीएसी और अन्य जिलों से अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और ड्रोन कैमरों से क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है।
सोशल मीडिया पर निगरानी
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। भ्रामक या भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की जा रही है।

3660 मकान, 5236 परिवार प्रभावित
बताया जा रहा है कि रेलवे की 30 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 3660 मकान बने हैं, जिनमें 5236 परिवार निवास करते हैं। हजारों लोगों का भविष्य इस मामले के फैसले पर निर्भर है, जिससे यह प्रकरण बेहद संवेदनशील बन गया है।
अब तक की कानूनी कार्यवाही
वर्ष 2022 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ प्रभावित पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। बाद की सुनवाई में पुनर्वास और मानवीय पहलुओं पर भी विचार करने की बात कही गई।
2024 और 2025 में भी मामले में कई बार सुनवाई टली। आज की प्रस्तावित सुनवाई को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।
प्रशासन की प्राथमिकता—शांति
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे की स्थिति में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
